- BVG India wins mandate to operate & maintain Indore's Multimodal Bus Terminal
- बीवीजी इंडिया को इंदौर के मल्टीमॉडल बस टर्मिनल के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी मिली
- अपना दल (एस) मध्य प्रदेश का 10वां ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र 9 अगस्त को
- Kroll India Celebrity Brand Valuation 2025
- Bad day? These 5 comedy movies promise the perfect mood reset
सोशल साइंस के विद्यार्थी समाज में ला सकते हैं क्रांति: कुरैशी
इंदौर. सोशल साइंस के विद्यार्थी अपने अलग-अलग विषयों विशेषकर लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान पुलिस प्रशासन में कई तरह से योगदान दे सकते है. इसमें वह ऐसे सामाजिक अपराध, जघन्य अपराध आदि विषयों का चयन कर समाज में क्रांति ला सकते है.
यह बात देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ सोशल साइंस विभाग में इंडक्शन सेरेमनी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इंदौर पुलिस के एसपी मो. युसूफ कुरैशी ने कही. कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. रेखा आचार्य ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विभाग में पूर्व संचालित किये जा रहे पाठ्क्रम एवं नए पाठ्क्रमों की जानकारी दी तथा विभाग में पिछले वर्ष से हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को बताया कि विभाग में उन्हें अपने विषय के साथ अन्य विषयों का ज्ञान दिया जाएगा जिनमें फॉरेन लैंग्वेज, फ्रेंच, जर्मन, कम्प्यूटर तथा पर्सनालिटी डेवलपमेंट एंड कम्युनिकेशन प्रमुख है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के अवसर प्रदान करने में सक्षम है. जरुरत इस बात की है कि विद्यार्थी इन विषयों का अध्ययन नियमित रूप से करें और सीखें.
समस्याओं पर आधारित हो रिसर्च विषय
कार्क्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भोपाल से आए प्रो सुरेश मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा की विद्यार्थियों को अपने रिसर्च के विषयों का चयन अंतर विषयक आधार पर लें ताकि वे इनके विभिन्न पहलुओ को समझ सके. विषय का चयन स्थानीय समस्याओं पर आधारित होना चाहिए.
विद्यार्थी सुविधाओं का लाभ लें
कार्यक्रम कीअध्यक्षता देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरेन्द्र कुमार धाकड़ ने की. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विधार्थी स्कूल ऑफ़ सोशल साइंस में मिलने वाली सुविधाओं के आलावा भी विश्वविद्यालय से अनेक सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकते है. जिनमें प्रिप्लेसमेंट सेल, स्किल डेवलपमेंट, मॉडल करियर सन्त्र्वे, मीडिया, लैंग्वेज एनहांसमेंट प्रमुख है. कार्यक्रम का समन्वय आकांक्षा त्रिपाठी, डॉ. वर्षा पटेल, डॉ. सारिका दीक्षित एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रेखा आचार्य के मार्गदर्शन में किया गया.


